Ration Card New Update : 1 जून से घर-घर जाकर होगा अपात्रों का सत्यापन; योग्य परिवारों को जोड़ा जाएगा

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Ration Card New Update : उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर और वसूली को लेकर चल रही खबरों पर यूपी की योगी सरकार की ओर से सफाई जारी की गई है। राशन कार्ड सरेंडर-रिकवरी की खबरों को योगी सरकार ने खारिज कर दिया है। इस संबंध में सरकार ने कहा कि ऐसा कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है।

लखनऊ में एक जून से घर-घर जाकर सत्यापन, अपात्रों की होगी छंटनी

लखनऊ के राशन कार्ड धारकों का अब 1 जून से सत्यापन होगा। कार्डधारकों की पात्रता और अपात्रता जांचने का कार्य 1 जून से शुरू होगा। अपात्र कार्डधारकों के राशन कार्ड सत्यापन के दौरान रद्द कर दिए जाएंगे। वहीं, पात्र परिवारों को भी राशन लाभार्थी की नई सूची में जोड़ा जाएगा।

राजधानी में इन दिनों राशन कार्डों के सत्यापन के लिए टीम बनाई जा रही है। ये टीमें राशन कार्ड धारकों के घर-घर जाकर उनके राशन कार्डों का सत्यापन करेंगी। डीएसओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव, लेखाकार और आपूर्ति विभाग के कर्मचारी की संयुक्त टीम गांव में सत्यापन का काम करेगी.

इसके अलावा 10-10 गांवों पर जिला स्तरीय अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम रैंडम आधार पर सत्यापन भी करेगी। शहरी क्षेत्रों में राशन कार्डों की जांच के लिए नगर निगम और आपूर्ति विभाग की टीमों को लगाया गया है. इतना ही नहीं सत्यापन के लिए कोटा दुकानवार नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जा रहे हैं। डीएसओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि सत्यापन के दौरान अपात्रों के राशन कार्ड रद्द करने के साथ ही पात्र लोगों को भी राशन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा.

उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त सौरव बाबू ने मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन करते हुए कहा कि राशन कार्डों का सत्यापन एक सामान्य प्रक्रिया है, जो समय-समय पर सरकार द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड सरेंडर करने और पात्रता की नई शर्तों से जुड़ी भ्रामक खबरें मीडिया में प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने इस मामले में चल रही खबरों को भ्रामक और निराधार बताया।

पूरे राज्य में हड़कंप

हालांकि अपात्रों से राशन कार्ड सरेंडर करने की मीडिया में चल रही खबरों के चलते इन दिनों पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है. कई जिलों के जिलाधिकारियों ने आदेश जारी किया है कि जो राशन कार्ड धारक अपात्र हैं, वे अपने राशन कार्ड जिला आपूर्ति कार्यालय में जमा करें. ऐसा नहीं करने पर उनसे राशन की वसूली की जा सकती है। अपात्रता की जांच में पकड़े जाने पर उनसे अब तक लिए गए मुफ्त राशन का शुल्क लिया जाएगा, जिसके तहत गेहूं 32 रुपये और चावल 24 रुपये लिया जाएगा।

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राशन कार्ड सरेंडर करने की होड़ है

नतीजा यह हुआ कि राशन कार्ड सरेंडर करने की होड़ मच गई। अकेले अप्रैल महीने में ही 43 हजार लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं। मई माह में यह आंकड़ा इसे भी पार करने की स्थिति में है।

सरकार का यू-टर्न

हालांकि इस मामले में विपक्ष के विरोध के बाद सरकार ने यू-टर्न लेते हुए उसुली के आदेश को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया। राज्य में लोगों से अपील की जा रही है कि वे कार्ड खुद सरेंडर करें, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपना राशन कार्ड जमा करना शुरू कर दिया है. लोग लंबी कतारों में खड़े होकर राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं।

8 साल पुराने नियम ही लागू

खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने कहा कि राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि ‘घरेलू राशन कार्ड के लिए पात्रता/अपात्रता मानदंड’ 2014 में निर्धारित किया गया था। उसके बाद कोई बदलाव नहीं किया गया है। सत्यापन की प्रक्रिया में केवल 8 वर्ष पुराने नियम लागू होते हैं।

29.53 लाख नए राशन कार्ड जारी

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में जो लोग राशन कार्ड के पात्र हैं, उनका राशन कार्ड न तो रद्द किया जाएगा और न ही उन्हें सरेंडर करना होगा. सभी पात्र राशन कार्ड धारकों को राशन मिलेगा। विभाग द्वारा अब तक राज्य में पात्र लाभार्थियों को 29.53 लाख नए राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं.

खाद्य आयुक्त ने यह भी कहा कि किसी भी राशन कार्ड धारक को पक्का घर, बिजली कनेक्शन या एकमात्र हथियार लाइसेंस धारक या मोटर साइकिल मालिक होने और मुर्गी पालन / गाय पालन में लगे होने के आधार पर अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता है।

वसूली का कोई प्रावधान नहीं

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 और अन्य प्रचलित आदेशों के अनुसार, अपात्र कार्ड धारकों से वसूली का कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही शासन स्तर या खाद्य आयुक्त कार्यालय से वसूली को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है.

इसके अलावा सोशल मीडिया पर यह भी खबरें थीं कि ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख रुपये से कम और शहरी क्षेत्रों में 3 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोग ही राशन कार्ड के लिए पात्र हैं। नहीं तो राशन कार्ड धारकों को अपना राशन कार्ड सरेंडर करना होगा, जो कार्ड सरेंडर नहीं करेंगे उनसे राशन लिया जाएगा।

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